| फसल | किस्म | मंडी (APMC) | जिला | राज्य | न्यूनतम भाव ₹ | मोडल भाव ₹ | अधिकतम भाव ₹ | बदलाव | तारीख | ट्रेंड चार्ट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आलू | आलू | वोखा | नगालैंड | ₹1,830 | ₹2,000 | ₹2,350 | — | 03/07/2026 | ||
| आलू | आलू | वोखा | नगालैंड | ₹1,830 | ₹2,000 | ₹2,350 | — | 03/07/2026 | ||
| आलू | आलू | वोखा | नगालैंड | ₹2,540 | ₹2,585 | ₹2,620 | — | 12/06/2026 | ||
| आलू | अन्य | वोखा | नगालैंड | ₹610 | ₹645 | ₹680 | — | 01/06/2026 | ||
| आलू | अन्य | वोखा | नगालैंड | ₹705 | ₹807 | ₹900 | — | 11/05/2026 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आलू — आज राज्यवार भाव देखें
आलू आज का भावपूरे भारत में
आज कॉमन मार्केट (COMM) का भाव ₹0 प्रति क्विंटल (₹1 प्रति किलो) है। यह APMC बाजारों से प्राप्त कॉमन मार्केट का बाजार भाव है, जिसे भारत सरकार के ओपन डेटा प्लेटफॉर्म और eNAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से प्रतिदिन अपडेट किया जाता है। क्या आप आज कॉमन मार्केट का भाव प्रति किलो जानना चाहते हैं? आज का ₹1/किलो का भाव आधिकारिक मॉडल (सबसे अधिक कारोबार वाला) भाव ₹0/क्विंटल से लिया गया है।
बाजार मूल्य प्रत्येक मंडी में सबसे अधिक प्रचलित दर होती है — जो किसानों और व्यापारियों के लिए सबसे विश्वसनीय संदर्भ है। न्यूनतम और अधिकतम मूल्य दैनिक व्यापार सीमा को दर्शाते हैं। परिवहन, आरहत (कमीशन) और हैंडलिंग शुल्क के कारण आपके स्थानीय बाजार में खुदरा मूल्य आमतौर पर 10-25% अधिक होते हैं।
त्वरित संदर्भ
आलू के बारे में — भारत में मात्रा के हिसाब से सबसे अधिक खाई जाने वाली सब्जी
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है, जहाँ प्रतिवर्ष 5 करोड़ टन से अधिक आलू का उत्पादन होता है। वजन के हिसाब से आलू भारत की सबसे अधिक खपत वाली सब्जी है, जिसका उपयोग हर क्षेत्रीय व्यंजन में किया जाता है। यह फसल मुख्य रूप से रबी (अक्टूबर-मार्च) में उगाई जाती है और कोल्ड स्टोरेज की उपलब्धता के कारण पूरे वर्ष आलू की उपलब्धता बनी रहती है।
प्रमुख उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश (32%), पश्चिम बंगाल (23%), बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और असम। आगरा (उत्तर प्रदेश) भारत की आलू व्यापार राजधानी है और यहाँ सबसे अधिक शीत भंडारण क्षमता है। पश्चिम बंगाल के हुगली और बर्दवान जिले प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं।
मूल्य रुझान: ताज़ी कटाई वाले आलू (नवंबर-फरवरी) सबसे कम होते हैं। कोल्ड स्टोरेज से निकाले गए आलू (अप्रैल-सितंबर) महंगे होते हैं। अगस्त-सितंबर में जब कोल्ड स्टोरेज में आलू की मांग आपूर्ति से अधिक हो जाती है, तो कीमतों में उछाल आता है। भारत बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव को आलू निर्यात करता है।